जीरो एक्सीडेंट संस्कृति को मिलेगा और बल: एमपी ट्रांसको के नव नियुक्त अभियंताओं ने ली कार्यस्थल सुरक्षा की शपथ
जबलपुर- मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) प्रदेश की विद्युत पारेषण व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और विश्वसनीय बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में कंपनी ने अपने नव नियुक्त जूनियर इंजीनियरों के लिए राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण संस्थान (एनपीटीआई), बदरपुर (नई दिल्ली) में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कार्यस्थल सुरक्षा पर केंद्रित विशेष शपथ ग्रहण सत्र आयोजित किया। इस अवसर पर प्रशिक्षु अभियंताओं ने अपने संपूर्ण सेवाकाल में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा सुरक्षित कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
एमपी ट्रांसको द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल तकनीकी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि अभियंताओं को आधुनिक विद्युत पारेषण प्रणाली की कार्यशैली, संचालन की दक्षता, नेतृत्व क्षमता और सुरक्षा संबंधी व्यवहारिक पहलुओं से भी परिचित करा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान ट्रांसमिशन सिस्टम के संचालन एवं अनुरक्षण, ग्रिड प्रबंधन, परियोजना क्रियान्वयन, विद्युत एवं अग्नि सुरक्षा, नेतृत्व विकास तथा प्रभावी संचार कौशल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कार्यक्रम के विशेष सत्र में देश के प्रख्यात पावर इंजीनियर एवं ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञ डॉ. राजेश अरोरा ने प्रशिक्षु अभियंताओं को एमपी ट्रांसको की 'जीरो एक्सीडेंट पॉलिसी' के मूल उद्देश्य और महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि विद्युत क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील और जोखिमपूर्ण है, इसलिए तकनीकी दक्षता के साथ-साथ सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन प्रत्येक अभियंता की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने एक्स्ट्रा हाई टेंशन (ईएचटी) सबस्टेशनों और ट्रांसमिशन लाइनों पर कार्य करते समय निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों (पीपीई) के उपयोग तथा अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के पालन पर विशेष जोर दिया।
डॉ. अरोरा ने कहा कि किसी भी संगठन की वास्तविक सफलता तभी संभव है, जब उसके कर्मचारी सुरक्षित वातावरण में कार्य करें। उन्होंने प्रशिक्षु अभियंताओं से आग्रह किया कि वे सुरक्षा नियमों का स्वयं पालन करने के साथ-साथ अपने सहकर्मियों को भी सुरक्षित कार्य प्रणाली अपनाने के लिए प्रेरित करें। उनका कहना था कि दुर्घटना रहित कार्य संस्कृति केवल नियमों से नहीं, बल्कि प्रत्येक कर्मचारी की जागरूकता, अनुशासन और जिम्मेदारी से विकसित होती है।
शपथ ग्रहण समारोह में सभी प्रशिक्षु अभियंताओं ने अपने सेवाकाल के दौरान सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, सभी सुरक्षा नियमों एवं प्रक्रियाओं का पालन करने, जोखिमों की समय रहते पहचान कर उनका निराकरण करने तथा सुरक्षित एवं जिम्मेदार कार्य संस्कृति को सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया।
एमपी ट्रांसको के मुख्य अभियंता (मानव संसाधन एवं प्रशासन) श्री धीरेंद्र सिंह ने बताया कि 60 नव नियुक्त जूनियर इंजीनियरों के लिए आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उन्हें ट्रांसमिशन क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, आधुनिक परिचालन प्रक्रियाओं और व्यावसायिक दायित्वों से परिचित कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से अभियंताओं में तकनीकी दक्षता के साथ नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता और सुरक्षा के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण विकसित किया जा रहा है, जिससे वे भविष्य में कंपनी की ट्रांसमिशन प्रणाली के सुरक्षित, कुशल एवं निर्बाध संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
एमपी ट्रांसको का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि कंपनी विद्युत पारेषण व्यवस्था में तकनीकी उत्कृष्टता के साथ-साथ सुरक्षा संस्कृति को भी समान महत्व देती है। आधुनिक प्रशिक्षण, व्यवहारिक अनुभव और सुरक्षा के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता के माध्यम से तैयार हो रहे ये युवा अभियंता भविष्य में प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था को अधिक विश्वसनीय, सुरक्षित और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
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