अंगदान से जीवनदान: मध्यप्रदेश में ऑर्गन ट्रांसप्लांट को नई रफ्तार देने की तैयारी

उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल और एम्स भोपाल के बीच उच्चस्तरीय मंथन, आधुनिक तकनीक और जन-जागरूकता पर जोर

भोपाल- मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को जीवनदान देने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में एम्स भोपाल के प्रतिनिधिमंडल के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर प्रदेश में ऑर्गन ट्रांसप्लांट गतिविधियों के विस्तार, सुदृढ़ीकरण और तकनीकी उन्नयन को लेकर व्यापक चर्चा की।

बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार अंगदान को एक जन-आंदोलन बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ऑर्गन डोनेशन न केवल चिकित्सा क्षेत्र में क्रांतिकारी पहल है, बल्कि यह मानवीय संवेदनाओं का सर्वोच्च उदाहरण भी है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा अंगदान करने वाले डोनर्स को “गार्ड ऑफ ऑनर” प्रदान करने और उनके परिजनों को 26 जनवरी एवं 15 अगस्त जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर सार्वजनिक रूप से सम्मानित करने की पहल की जा रही है। इससे समाज में सकारात्मक संदेश पहुंच रहा है और लोग इस पुनीत कार्य के प्रति प्रेरित हो रहे हैं।

बैठक के दौरान आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत किडनी ट्रांसप्लांट पैकेज की राशि में वृद्धि करने तथा हार्ट और लंग ट्रांसप्लांट को योजना में शामिल करने पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। यह कदम आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों के लिए बेहद राहतकारी साबित हो सकता है, जिससे उन्हें महंगे इलाज की सुविधा सुलभ हो सकेगी।

ऑर्गन ट्रांसप्लांट प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए ब्रेन-डेड डोनर्स की समय पर पहचान और त्वरित रेफरल प्रणाली को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। इस दिशा में एम्स भोपाल के विशेषज्ञों ने तकनीकी सहयोग देने की सहमति जताई। साथ ही प्रदेश के सभी शासकीय अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने का सुझाव भी सामने आया। यह प्लेटफॉर्म अंग प्राप्ति से लेकर प्रत्यारोपण तक की पूरी प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


बैठक में आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के उपयोग पर भी विशेष ध्यान दिया गया। खासतौर पर रोबोटिक सर्जरी जैसी उन्नत तकनीकों के विस्तार पर चर्चा हुई, जिससे प्रत्यारोपण प्रक्रियाओं की सफलता दर में वृद्धि और मरीजों की रिकवरी में तेजी लाई जा सके। एम्स भोपाल की टीम ने हार्ट, किडनी और लंग ट्रांसप्लांट सेवाओं में अब तक की प्रगति, उपलब्ध संसाधनों और भविष्य की योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने एम्स भोपाल द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों की सराहना करते हुए आश्वासन दिया कि राज्य सरकार ऑर्गन ट्रांसप्लांट सेवाओं के विस्तार और तकनीकी उन्नयन के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि बैठक में प्राप्त सुझावों पर शीघ्र कार्यवाही की जाएगी, ताकि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाया जा सके।

इस अवसर पर एम्स भोपाल के निदेशक प्रो. डॉ. मधाबानंद कर, डिप्टी डायरेक्टर श्री संदेश कुंअर जैन, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विकास गुप्ता सहित ऑर्गन ट्रांसप्लांट टीम के सदस्य उपस्थित रहे। यह बैठक प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है, जो न केवल चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करेगी, बल्कि हजारों जरूरतमंद मरीजों के जीवन में नई आशा का संचार भी करेगी।

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