संघ के शताब्दी वर्ष पर ग्राम रोशनी में व्यापक गृह संपर्क अभियान, पंच परिवर्तन के साथ हिंदू सम्मेलन में सहभागिता का लिया संकल्प
पंच परिवर्तन के माध्यम से समाज जागरण का संदेश
अभियान का केंद्रबिंदु संघ की महत्वपूर्ण सामाजिक अवधारणा “पंच परिवर्तन” रहा, जिसे समाज परिवर्तन की आधारशिला बताया गया। स्वयंसेवकों ने ग्रामीणों को समझाया कि—
1. कुटुंब प्रबोधन – परिवार समाज की सबसे छोटी इकाई है, जहां संस्कार निर्मित होते हैं। परिवार में संवाद, प्रेम, आदर और मूल्य आधारित जीवन का संवर्धन राष्ट्र के भविष्य को दिशा देता है।
2. सामाजिक समरसता – समाज में जाति, वर्ग या स्तर के भेदभाव से ऊपर उठकर एकता, सम्मान और भाईचारे की भावना विकसित करना आवश्यक है। समरस समाज ही राष्ट्र की शक्ति है।
3. स्वआधारित जीवन – आत्मनिर्भरता आज की सबसे बड़ी जरूरत है। स्थानीय संसाधनों पर आधारित जीवनशैली, कौशल विकास और रोजगार सृजन से ग्रामीण क्षेत्र मजबूत बनते हैं।
4. पर्यावरण संरक्षण – प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता, जल–वृक्ष–मृदा संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरणीय संतुलन समाज के अस्तित्व के लिए अनिवार्य है। ग्रामीणों को पौधरोपण और जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया।
5. नागरिक अनुशासन – जिम्मेदार नागरिक बनकर नियमों का पालन, सामाजिक कर्तव्यों का निर्वहन और राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभाना हर व्यक्ति का दायित्व है।
स्वयंसेवकों ने इन पांच परिवर्तनों को व्यवहार में लाने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि प्रत्येक परिवार इन मूल्यों को अपनाए तो समाज में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
अभियान में संघ की विचारधारा और सेवा कार्यों की जानकारी
अभियान के दौरान संघ द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, सेवा कार्य, बाल-संस्कार, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, ग्राम विकास आदि क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की जानकारी साझा की गई। शताब्दी वर्ष संबंधित प्रेरक पुस्तिकाएँ ग्रामीणों को वितरित की गईं और युवाओं को सेवा और राष्ट्रनिर्माण के विभिन्न कार्यों में जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया।
पदाधिकारियों की उपस्थिति और संवाद
कार्यक्रम में धर्म जागरण विभाग के संयोजक श्री जय सिंह चौहान सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारीगण एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर ग्रामीणों से संवाद किया, उनकी समस्याओं को सुना और उन्हें सामाजिक एवं राष्ट्रीय दायित्वों के प्रति जागरूक किया।
हिंदू सम्मेलन में भागीदारी का संकल्प
अभियान के समापन पर ग्रामीणों एवं स्वयंसेवकों ने न केवल संघ के विचारों को आत्मसात करने की प्रतिबद्धता जताई, बल्कि आगामी कार्यक्रम “हिंदू सम्मेलन” में बढ़–चढ़कर सहभागिता का भी संकल्प लिया। यह सम्मेलन समाजिक एकता, सांस्कृतिक जागरण और राष्ट्र चेतना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण सहभागिता
ग्राम रोशनी के नागरिकों, महिलाओं और युवाओं ने अभियान में उत्साहपूर्वक सहयोग दिया। उनके सक्रिय सहभाग से यह गृह संपर्क अभियान अत्यंत प्रभावी और सार्थक रहा।
अभियान का व्यापक उद्देश्य ग्रामीण समाज में सकारात्मक परिवर्तन, जागरूकता और राष्ट्रहित के प्रति सजगता को सुदृढ़ करना था, जो इस आयोजन में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
इस मौके पर जयसिंह जी चौहान, वीर सिंह जी, नीलेश जी पटेल, राकेश जी, विनोद जी, सुंधाशु यादव, विनय अत्रे, राजेश जी एवं बड़ी संख्या में पदाधिकारीगण मौजूद रहे।
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