मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गौड़ा का ग्राम रोशनी दौरा: स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई, विकास कार्यों को मिली नई दिशा

खंडवा – जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा ने शुक्रवार को खालवा तहसील के ग्राम रोशनी का दौरा किया। यह दौरा कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता के निर्देश पर उस दुखद घटना की जांच के लिए किया गया जिसमें गर्भवती महिला श्रीमती सपना पति सतीश की असामयिक मृत्यु हो गई थी। स्वास्थ्य सेवाओं में कथित लापरवाही सामने आने के बाद प्रशासन पूरी गंभीरता से मामले की जांच में जुट गया है।

डॉ. गौड़ा ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) रोशनी पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं, स्टाफ की उपस्थिति, मरीजों को उपलब्ध सुविधाओं और इमरजेंसी सेवाओं के प्रबंधन की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मिली अनियमितताओं और एंबुलेंस सेवा में हुई देरी को गंभीर चूक मानते हुए उन्होंने तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी किए।

एंबुलेंस संचालक पर एफआईआर के निर्देश

जांच के दौरान पाया गया कि गर्भवती महिला को समय पर एंबुलेंस सुविधा न मिलने से उसकी स्थिति बिगड़ी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। इस लापरवाही को देखते हुए डॉ. गौड़ा ने 108 एंबुलेंस संचालक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों को हर हाल में जवाबदेह ठहराया जाएगा।

मेडिकल ऑफिसर पर भी कार्रवाई

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ मेडिकल ऑफिसर डॉ. संतोष मोरे की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे। PHC में व्यवस्थाओं की खामियां और स्वास्थ्य सेवाओं में ढिलाई को देखते हुए डॉ. गौड़ा ने डॉ. मोरे के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओ.पी. जुगतावत को दिए।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं जनजीवन से सीधी जुड़ी होती हैं, इसलिए इन सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही से मानव जीवन को खतरा होता है। इसलिए, जिम्मेदार अधिकारियों पर तत्काल और सख्त कार्रवाई होना आवश्यक है।

समन्वित मत्स्य पालन परियोजना का किया निरीक्षण

ग्राम रोशनी में विकास की दिशा में चल रही गतिविधियों का भी मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जायजा लिया। उन्होंने समन्वित मत्स्य पालन गतिविधियों के लिए विकसित किए जा रहे स्थल का निरीक्षण किया।

इस दौरान उनके साथ जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रतिलाल कनासे, मत्स्य विभाग के अधिकारी एवं अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

मत्स्य विभाग ने जानकारी दी कि परियोजना के तहत 2 हेक्टेयर भूमि पर मत्स्य पालन के साथ-साथ उद्यानिकी, कृषि और पशुपालन जैसी इंटीग्रेटेड गतिविधियों को विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति सुधारने और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

डॉ. गौड़ा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी गतिविधियों को निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए और कार्य की प्रगति का नियमित मूल्यांकन किया जाए, ताकि परियोजना अपने उद्देश्य के अनुरूप अधिकतम लाभ दे सके।

प्रशासन की प्राथमिकता: पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और ग्रामीण विकास

ग्राम रोशनी के दौरे में डॉ. गौड़ा ने स्पष्ट संदेश दिया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही उन्होंने ग्रामीण आजीविका और विकास से जुड़े प्रोजेक्ट्स में तेजी लाने पर जोर दिया।

यह दौरा न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि ग्राम रोशनी में चल रही विकास योजनाओं को नई गति देने का भी कार्य करता है। प्रशासन की यह सक्रियता स्थानीय लोगों में विश्वास बढ़ाती है और व्यवस्थाओं को और अधिक जवाबदेह बनाती है।

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