दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान के द्वितीय चरण हेतु खण्डवा में विभागीय अमले को प्रशिक्षण

खंडवा- जिले में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, पशुपालकों तक तकनीकी जानकारियाँ पहुँचाने और उनके घर-घर जाकर संपर्क स्थापित करने के उद्देश्य से ‘‘दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान’’ के द्वितीय चरण की तैयारियाँ तेज हो गई हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को एस.एन. कॉलेज खंडवा में जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विभागीय अमले को मल्टी-मॉडल व गतिविधि आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

711 ग्रामों के 16 हजार से अधिक पशुपालकों तक पहुँचेगा अभियान

पशु चिकित्सा विभाग के उप संचालक डॉ. हेमन्त शाह ने बताया कि अभियान का दूसरा चरण दिसंबर माह में प्रारंभ होगा। इस चरण में जिले के 711 ग्रामों के उन 16,056 पशुपालकों के घर गृह भेंट की जाएगी, जिनके पास 5 से 9 गौवंश अथवा भैंसवंश मौजूद हैं।
इस गृह-भेंट के दौरान प्रशिक्षित अमला पशुपालकों को आधुनिक पशुपालन तकनीक, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उपाय, पशुओं के स्वास्थ्य प्रबंधन और विभागीय योजनाओं की जानकारी देगा।

मास्टर ट्रेनर्स तैयार, अब मैदानी अमले का प्रशिक्षण जारी

डॉ. शाह ने बताया कि अभियान के सफल संचालन के लिए जिले के प्रत्येक विकासखंड तथा जिला स्तर पर मास्टर ट्रेनर्स को राज्य पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान, भोपाल द्वारा पूर्व में ही प्रशिक्षित किया जा चुका है।
अब अभियान के अनुरूप मैदानी अमले का प्रशिक्षण जिला स्तर और विकासखंड स्तर पर किया जा रहा है, ताकि घर-घर जाकर संपर्क एवं जागरूकता गतिविधियाँ प्रभावी ढंग से की जा सकें।

समूह गतिविधियों के माध्यम से दी गई प्रायोगिक जानकारी

प्रशिक्षण सत्र में विभागीय स्टाफ को 30-30 प्रशिक्षार्थियों के समूहों में विभाजित किया गया।
समूहों के बीच चर्चा, केस स्टडी, वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित गतिविधियाँ, संवाद कौशल प्रशिक्षण और पशुपालकों से प्रभावी रूप से जानकारी एकत्र करने के तरीकों पर विशेष जोर दिया गया।

वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों की उपस्थिति

प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपसंचालक डॉ. हेमन्त शाह, अतिरिक्त उपसंचालक डॉ. ए. के. पटेरिया, वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. नीरज कुमुद सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
वहीं मास्टर ट्रेनर के रूप में डॉ. कड़वा चौहान, डॉ. दिनेश पिपले, डॉ. सुषमा शैलू, डॉ. निलेश आर्य और अन्य विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अभियान का मुख्य उद्देश्य

  • पशुपालकों तक वैज्ञानिक ढंग से पशुपालन की जानकारी पहुँचाना
  • दुग्ध उत्पादन बढ़ाने हेतु तकनीकी समाधान उपलब्ध कराना
  • पशुओं के स्वास्थ्य, टीकाकरण और पोषण संबंधी जागरूकता फैलाना
  • विभागीय योजनाओं एवं सब्सिडी का लाभ अधिक से अधिक पशुपालकों को दिलाना
  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना

‘‘दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान’’ का यह चरण जिले में पशुपालन क्षेत्र को नई दिशा देने और हजारों परिवारों की आय वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Comments

Popular posts from this blog

सतपुड़ा पर्वत श्रृंखला के समीप स्थित रोशनी गांव का प्राकृतिक सौंदर्य, प्राकृतिक छटा और ग्रामीण जीवन का अद्भुत संगम

अनुसूचित जाति वर्ग के लिए स्वरोजगार का सुनहरा अवसर: सरकारी योजनाओं से मिलेगा आर्थिक संबल

शून्य से पूर्णांक की यात्रा ही संघ हैं - राजकुमार मलगाया