संविधान दिवस : प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस, खंडवा में आयोजित प्रस्तावना वाचन कार्यक्रम
खंडवा- प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ फ़ील एक्सेंस, श्री नीलकंठेश्वर संग्रहालय संग्रहालय, खंडवा में संविधान दिवस के अवसर पर संविधान के प्रस्तावना वाचन और जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस आयोजन में न केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि छात्रों में संविधान के प्रति सम्मान, जागरूकता और नागरिकता की समझ विकसित करने का भी सार्थक प्रयास किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य: संविधान की विचारधारा से युवा पीढ़ी को शामिल करना
संविधान दिवस का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को भारतीय संविधान की मूल भावनाओं, आदर्शों और सिद्धांतों से परिचित कराना है। इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को यह बताया गया कि संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं है, बल्कि देश की आत्मा है, जो जनता के अधिकार के साथ-साथ की याद भी है।
समापन : आस्था, आदर और प्रेरणा का संगम
कार्यक्रम की शुरुआत एवं महाविद्यालय के सभागृह में मां सरस्वती भारतीय संविधान निर्माता डॉ. भीमराव बम्बूल की मूर्ति पर साझीदार और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। मुख्य साज़िशों और समर्थकों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर ज्ञान और संविधान के निषेध का संदेश दिया।
स्वाति कुशवाहा ने प्रस्तुत किया सरस्वती वंदना ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।
मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि की उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दरभंगा के राजनीति विज्ञान विभाग के जनरल डॉ. आलोक राय उपस्थित रहे। कार्यक्रम की कार्यशाला महाविद्यालय के कार्यशाला डॉ. सोमपाल सिंह ने की।
इसके अलावा लोक प्रशासन विभागाध्यक्ष डाॅ. सुनील कुमार गोयल, हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. मिडिया फेरे, राजनीति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. कृष्ण पतन, तथा रा.से.यो. कार्यक्रम अधिकारी प्रो. महेश भाबोर सहित अन्य ओबीसीगणित कार्यक्रम में शामिल हुए।
उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को अध्येतावादी, शैक्षिक और मार्गदर्शक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध बना दिया।
संविधान प्रस्तावना का सामूहिक वाचन : संवैधानिक संवैधानिक की ओर एक कदम
मुख्य अतिथि डाॅ. आलोक राय ने सभा में उपस्थित छात्रों को संविधान का प्रस्तावना का सामूहिक वाचन दिया।
प्रस्तावना वचन के माध्यम से छात्रों ने-
- संप्रभुता।
- समाजवाद।
- पंथनिरपेक्षता
- लोकतंत्र।
- गणतंत्रवाद।
जैसे भारतीय संविधान के मूल स्तंभों को समझने का अवसर प्राप्त हुआ।
यह वाचन विद्यार्थियों में राष्ट्र के प्रति कर्तव्यनिष्ठा और संवैधानिक आदर्शों को प्रमाणित करने की प्रेरणा लेकर आया।
विशिष्टजन के प्रेरक उद्बोधन
डॉ. आलोक राय - संविधान की रचना पर सारगर्भित व्याख्यान
डॉ. राय ने मध्य प्रदेश के हाल में ही दो महत्वपूर्ण सामाजिक-राजनीतिक घटनाओं के बारे में बताया कि संविधान का आज भी उदाहरण, जीवंतता और दिशा देने वाला दस्तावेज़ है।
उन्होंने छात्रों को बताया कि-
- संविधान नागरिक अधिकार और लोकतंत्र के बीच संतुलन स्थापित होता है।
- प्रस्तावना देश की आत्मा है, जो राष्ट्र को निर्देशित करता है।
- नागरिकों का वैज्ञानिक, अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ होना लोकतंत्र का आधार है।
कार्यशाला डॉ. सोमपाल सिंह - छात्रों को जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश
कार्यशाला श्री सिंह ने संविधान के सिद्धांत, मूल अधिकार और विद्यार्थियों की भूमिका पर विस्तृत निर्देश दिये।
उन्होंने कहा कि संविधान युवा पीढ़ी को सामाजिक न्याय, लोकतंत्र और भारत की भावना को प्रमाणित करने का अवसर प्रदान करता है।
अन्य साथियों के विचार
प्रो. बटन फेरे ने संविधान और भारतीय लोकतंत्र के संबंध पर प्रकाश डाला।
डॉ. सुनील कुमार गोयल ने छात्रों को संविधान के प्रति सलाहकार और देश के प्रति जिम्मेदारी बनने के लिए प्रेरित किया।
प्रो. भा महेशबोर ने कार्यक्रम की आदर्श प्रस्तुति करते हुए संविधान की भावना से परिचित की आवश्यकता बताई।
सांस्कृतिक एवं इंजीनियरों का स्वागत
काजल और लॉयन द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत ने कार्यक्रम को और आकर्षण बनाया। रा.से.यो. रेस्टॉरेंट द्वारा बैज परिधान और उद्योगपतियों का स्वागत किया गया, जो पर्यावरण और सम्मान दोनों का संदेश देता है। पूजा सोने और दीपांशी विश्वकर्मा ने मंच संचालन की जिम्मेदारी निभाई।
ख़रीदारी और प्रेरणा
कार्यक्रम के अंत में राजनीति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. कृष्णा रिकॉर्ड्स ने सभी इंजीनियरों, तकनीशियनों, रा.से.यो. स्वयंसेवकों एवं छात्रों का मित्रता।
पूरे कार्यक्रम का प्रतिवेदन मिलेश ब्रेडे द्वारा प्रस्तुत किया गया।
वैज्ञानिक भारत के निर्माण की दिशा में सार्थक पहल
प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में आयोजित संविधान दिवस कार्यक्रम में छात्रों को न केवल संवैधानिक सिद्धांतों की वकालत की गई, बल्कि उन्हें देश के भविष्य के निर्माता के रूप में उनकी भूमिका के लिए भी प्रेरित किया गया।
इस प्रकार के आयोजन लोकतांत्रिक वैयक्तिक को मजबूत बनाते हैं और युवा पीढ़ी को राष्ट्रहित में कार्य करने के लिए बढ़ावा देते हैं।

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