ग्राम रोशनी में श्रद्धा, उल्लास और भक्ति भाव के साथ हुआ गणेश विसर्जन

रोशनी- ग्राम रोशनी में इस वर्ष अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर गणेश उत्सव का समापन अत्यंत भव्य, श्रद्धापूर्ण और हर्षोल्लास से किया गया। दस दिनों तक चले इस मंगलमय पर्व के अंतिम दिन ग्रामवासियों ने नम आंखों से अपने आराध्य भगवान गणेश को विदाई दी।नगर भ्रमण और शोभायात्रा
गणेश विसर्जन से पूर्व माता चौक से एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बप्पा की सुंदर सजीव प्रतिमा को पूरे ग्राम में भ्रमण कराया गया। शोभायात्रा के दौरान ढोल-नगाड़ों की गूंज, रंग-बिरंगी सजावट, पुष्पवर्षा और गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से समूचा वातावरण भक्तिमय और जीवंत हो उठा।
गांव के बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी इस अवसर पर पारंपरिक परिधान में सजधज कर शामिल हुए। लोगों ने अपने घरों के सामने दीप जलाकर और पुष्प अर्पित कर शोभायात्रा का स्वागत किया।
नम आंखों से विदाई
गणेश विसर्जन के इस भावुक क्षण में ग्रामवासी नम आंखों से बप्पा को विदा कर रहे थे। "गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ" के गगनभेदी नारों के साथ श्रद्धालुओं ने बप्पा को विदाई दी। इस अवसर पर ग्राम में सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन-कीर्तन, और आरती का भी आयोजन किया गया, जिसमें सभी वर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
पांच स्थानों से विसर्जन
इस वर्ष ग्राम रोशनी के पांच प्रमुख स्थानों पर गणेश प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं — जिनमें माता चौक, मिनाई मोहल्ला, जहीर चौक, बड़ा मोहल्ला, मछली बाजार शामिल हैं। इन सभी स्थानों से विसर्जन यात्रा एकत्रित होकर संयुक्त रूप से विसर्जन स्थल तक पहुंची, जहाँ विधिपूर्वक गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन सम्पन्न किया गया।
प्रसादी वितरण और सामूहिक सहभागिता
विसर्जन यात्रा से पूर्व, सभी प्रतिमाओं के साथ भक्तजन श्रद्धा भाव से एकत्रित हुए और पूरे ग्राम में प्रसादी का वितरण किया गया। यह आयोजन ना केवल भक्ति का प्रतीक बना, बल्कि ग्राम में सामूहिकता, सेवा भावना और सांस्कृतिक एकता की मिसाल भी प्रस्तुत करता रहा।
भक्ति, सेवा और एकता की मिसाल
पूरे आयोजन में ग्रामवासियों की एकजुटता, स्वयंसेवकों की सेवा भावना, और भक्तों की श्रद्धा देखते ही बनती थी। महिलाओं ने घर-घर पूजा-अर्चना कर प्रसाद वितरण किया, युवाओं ने आयोजन की व्यवस्थाओं में सहयोग किया और बुजुर्गों ने संस्कार व परंपराओं का पालन सुनिश्चित किया।
समापन पर अगवानी का वादा
विसर्जन के साथ ही ग्रामवासियों ने अगले वर्ष गणेश जी के फिर से आगमन की कामना करते हुए यह संकल्प लिया कि आने वाले वर्षों में भी इसी उत्साह, श्रद्धा और मिलजुलकर यह पर्व मनाया जाएगा।

🙏 गणपति बप्पा मोरया!
🙏 अगले बरस तू जल्दी आ!

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